परिचय:- श्रीमती अंजू सुनील भूटानी
(सुता: श्री देशराज वधवा-श्रीमती वेदवती वधवा)
शिक्षा:- एम. ए.एम. फिल( अंग्रेजी वाङ्गमय), बी.एड
संप्रति:- प्राचार्या, निजी शाला, नागपुर
अभिरुचि:- पढ़ना, पढ़ाना, अध्ययन एवं अभ्यास। इसके अलावा संगीत सुनना और बागबानी में रुचि रखती हूँ।
लेखन विधा:- कविता, कहानी, लघुकथा एवं आलेख
प्रकाशन:- विभिन्न समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में कविता एवं आलेख
विभिन्न शिक्षा से संबंधित विषयों में प्रस्तुतीकरण राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर पर
कविता संग्रह:
1.कुछ बातें-अनसुनी...अनकही
2. दर्पण-हृदय में आरसी
विशेष सफलताएँ:-
1. सर्वश्रेष्ठ प्राचार्या सम्मान
2. बी.ए. में अंग्रजी साहित्य में प्रावीण्य प्राप्त करने के लिए स्वर्ण पदक
3. एम. ए. में प्रावीण्य सूची द्वितीय स्थान प्राप्त करने के लिए रजत पदक
सम्मान:-
1. प्रथम पुरस्कार- सर्वश्रेष्ठ सम्पादकीय पत्र लेखन
(1986)
2. फीमेल राइटर्स द्वारा आयोजित कविता प्रतियोगिता में तृतीय स्थान
3. कलम बोलती है-
साहित्य समूह द्वारा श्रेष्ठ रचनाकार का सम्मान।